भगवान महावीर प्रश्नोत्तरी - Bhagwan Mahaveer Prasanouttary

 प्रश्न-1. भगवान महावीर का जन्म कहाँ हुआ था ?

उत्तर- बिहार प्रान्त के कुण्डलपुर नगर में (वर्तमान में नालन्दा जिले में है)।

प्रश्न-2.भगवान महावीर का जन्म कब हुआ था?

उत्तर- ईसा से 600 वर्ष पूर्व चैत्र शुक्ला त्रयोदशी को।

प्रश्न-3.उनकी माता का नाम क्या था ?
उत्तर- महारानी त्रिशला देवी।

प्रश्न-4. उनके पिता का नाम बताओ?

उत्तर- महाराजा सिद्धार्थ।

प्रश्न-5.महावीर के बाबा का नाम क्या था ?

उत्तर- महाराज सर्वार्थ।

प्रश्न-6.महावीर स्वामी के कितने नाम प्रसिद्ध हैं?

उत्तर- पाँच-वीर, अतिवीर, महावीर, सन्मति, वर्धमान।

प्रश्न-7.प्रभु महावीर की वीरता की पहली परीक्षा किसने ली थी?

उत्तर- संगम देव ने सर्प बनकर परीक्षा ली थी।

प्रश्न-8.कितने वर्ष की उम्र में तीर्थंकर महावीर ने दीक्षा ली थी?

उत्तर- 30 वर्ष की उम्र में।

प्रश्न-9.भगवान महावीर ने मोक्ष कहाँ प्राप्त किया था?

उत्तर- बिहार प्रांत की पावापुरी नगरी में।

प्रश्न-10. महावीर स्वामी की आयु कुल कितने वर्ष की थी?

उत्तर- 72 वर्ष।

प्रश्न-11. भगवान महावीर का चिन्ह क्या है?

उत्तर- शेर।

प्रश्न-12. महावीर स्वामी के एक विशेष आहार के समय किसकी बेडि़यां टूटी थीं?

उत्तर- महासती चन्दना की।

प्रश्न-13. चंदना का महावीर से क्या संबंध था?

उत्तर- चन्दना महावीर स्वामी की सबसे छोटी मौसी थीं।

प्रश्न-14. तीर्थंकर किसे कहते है?

उतर- जो धर्मतीर्थ का प्रवर्तन करते हैं वे तीर्थंकर कहलाते हैं।

प्रश्न-15. तीर्थंकर के जन्म की क्या विशेषता है?

उत्तर-जिनके जन्म से 15 महीने पहले तक रत्नों की वर्षा होती है।

प्रश्न-16. तीर्थंकर कितने होते हैं?

उत्तर. चौबीस (24)।

प्रश्न-17. सुमेरु पर्वत की महिमा क्या है?

उत्तर- इस पर जन्मजात तीर्थंकर बालक का इन्द्रों द्वारा जन्माभिषेक किया जाता है इसलिए इसकी महिमा विशेष है।

प्रश्न-18. जन्माभिषेक क्या है?

उत्तर- जन्मजात तीर्थंकर बालक का 1008 कलशों से अभिषेक करना (स्नान कराना) जन्माभिषेक कहलाता है।

प्रश्न-19. वह सुमेरुपर्वत कहाँ है?

उत्तर- जम्बूद्वीप के बीचोंबीच में सुमेरु पर्वत है।

प्रश्न-20. वर्तमान में ऐसा सुमेरु पर्वत बड़े रूप में कहाँ बना है?

उत्तर- हस्तिनापुर में जम्बूद्वीप रचना के बीच में 101 फुट ऊँचा सुमेरू पर्वत बना है।

प्रश्न-21. पहले तीर्थंकर का नाम बताओ?

उत्तर- तीर्थंकर श्री ऋषभदेव जी।

प्रश्न-22. ऋषभदेव का जन्म कहाँ हुआ था?

उत्तर- अयोध्या नगरी में।

प्रश्न-23. उनकी माता का नाम क्या था?

उत्तर- महारानी मरुदेवी जी।

प्रश्न-24. उनके पिता का क्या नाम था?

उत्तर- महाराजा नाभिराय जी।

प्रश्न-25. अयोध्या में अन्य किन महापुरुष का जन्म हुआ था?

उत्तर- मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचन्द्र जी का।

प्रश्न-26. श्री रामचन्द्र का जन्म किस दिन हुआ था?

उत्तर- चैत्र शुक्ला नवमी तिथि को।

प्रश्न-27. उस तिथि को किस नाम से जाना जाता है?

उत्तर- उस तिथि को रामनवमी के नाम से जाना जाता है।

प्रश्न-28. धर्म किसे कहते हैं?

उत्तर- जो उत्तम सुख को प्राप्त करावे वह धर्म है।

प्रश्न-29. जैन धर्म की स्थापना किसने की?

उत्तर- किसी ने नहीं, क्योंकि वह शाश्वत धर्म है।

प्रश्न-30. महावीर की निर्वाण तिथि क्या है?

उत्तर- कार्तिक कृष्णा अमावस।

प्रश्न-31. उसे किस पर्व के रूप में मनाया जाता है?

उत्तर- वीर निर्वाण दिवस जैन धर्मानुसार दीपावली पर्व के रूप में मनाया जाता है।

प्रश्न-32. महावीर के नाम पर सरकारी छुट्टी कब होती है?

उत्तर- महावीर जयन्ती को, चैत्र शुक्ला त्रयोदशी के दिन महावीर भगवान के जन्म दिन के उपलक्ष्य में यह छुट्टी होती है।

प्रश्न-33. व्यसन किसे कहते हैं?

उत्तर- बुरी आदत को व्यसन कहते हैं।

प्रश्न-34. व्यसन कितने होते हैं?

उत्तर- सात।

प्रश्न-35. सात व्यसनों के नाम बताओ?

उत्तर- 1.जुआ खेलना 2. मांस खाना 3. शराब पीना 4.वेश्या सेवन 5. शिकार खेलना 6. चोरी करना 7. परस्त्री सेवन करना।

प्रश्न-36.पांडवों को किस व्यसन के कारण जंगल में जाना पड़ा?

उत्तर- जुआ खेलने के कारण|

प्रश्न-37. रावण को किस व्यसन के कारण नरक जाना पड़ा?

उत्तर- परस्त्री सेवन की भावनामात्र से, क्योंकि उसने सीता का हरण किया था उससे बलात्कार नहीं किया था।

प्रश्न-38. शराब पीने से क्या हानि होती है?

उत्तर- पैसा, स्वास्थ्य एवं परिवार की बर्बादी होती है। इस लोक में निंदा एवं अगले भव में नरक के दुख भोगना पड़ता है।

प्रश्न-39. शिकार खेलना बुरा क्यों है?

उत्तर- इससे निरपराध जीवों की हिंसा होती है और इनकी हिंसा से नरक में जाना पड़ता है।

प्रश्न-40. सातों व्यसनों में कौन सा व्यसन अच्छा है?

उत्तर- कोई भी नहीं।

प्रश्न-41. सत्य बोलने में कौन सा राजा लोकव्यवहार में प्रसिद्ध हुआ है?

उत्तर- राजा हरिश्चन्द्र।

प्रश्न-42. श्री रामचन्द्र जी की प्रसिद्धि क्यों हुई?

उत्तर- पिता की आज्ञापालन करने के कारण।

प्रश्न-43. पाप किसे कहते हैं?

उत्तर- बुरे कार्यों को करना पाप कहलाता है।

प्रश्न-44. पाप कितने होते हैं? उनके नाम बताओ?

उत्तर- पाँच-1. हिंसा 2. झूठ 3. चोरी 4. कुशील 5.परिग्रह

प्रश्न-45. हिंसा किसे कहते हैं?

उत्तर- किसी भी छोटे-बड़े प्राणी को मारना हिंसा है।

प्रश्न-46. झूठ किसे कहते हैं?

उत्तर- अपनी देखी सुनी बात को गलत रूप में बताना झूठ है।

प्रश्न-47. चोरी किसे कहते हैं?

उत्तर- किसी की गिरी, पड़ी या भूली चीजों को उससे पूछे बिना उठा लेना चोरी है।

प्रश्न-48. कुशील किसे कहते हैं?

उत्तर- पुरुषों के द्वारा किसी महिला को बुरी नजर से देखना और महिलाओं के द्वारा किसी पुरुष के प्रति बुरी दृष्टि रखना कुशील पाप है।

प्रश्न-49. परिग्रह किसे कहते हैं?

उत्तर- आवश्यकता से अधिक धन का संग्रह करने को परिग्रह कहते हैं।

प्रश्न-50. पापों का त्याग कौन कर सकते हैं?

उत्तर- मनुष्य एवं पशु भी पापों का त्याग कर सकते हैं।

प्रश्न-51. अणुव्रत किसे कहते हैं?

उत्तर- जिन व्रतों को छोटे रूप में-आंशिक रूप में पालन किया जाता है वे अणुव्रत कहलाते हैं।

प्रश्न-52. अणुव्रतों का पालन कौन करते हैं?

उत्तर- गृहस्थ स्त्री-पुरुष अणुव्रतों का पालन करते हैं।

प्रश्न-53. महाव्रत किसे कहते हैं?

उत्तर- पूर्णरूप से पांचों पापों का त्याग करने को महाव्रत कहते हैं।

प्रश्न-54. महाव्रत कितने होते हैं? उनके नाम बताओ।

उत्तर- पांच-1. अहिंसा महाव्रत 2. सत्य महाव्रत 3. अचौर्य महाव्रत 4. ब्रह्मचर्य महाव्रत 5. अपरिग्रह महाव्रत।

प्रश्न-55. बच्चों का सबसे बड़ा क्या कर्तव्य है?

उत्तर- माता-पिता, गुरु, मित्र, भाई-बहन और परिवार के प्रति विनय करना, उद्दण्डता नहीं करना।

प्रश्न-56. माता-पिता के प्रति आपके क्या कर्तव्य हैं?

उत्तर- उनकी आज्ञा का पालन करना।

प्रश्न-57. गुरू के प्रति विद्यार्थी के क्या कर्तव्य हैं?

उत्तर- गुरू की विनय करना, उनकी आज्ञा का पालन करना और उनकी गलती नहीं देखना।

प्रश्न-58. भगवान किसे कहते हैं?

उत्तर- जो कर्मों से छूटकर फिर कभी संसार में जन्म न ले उन्हें भगवान कहते हैं।

प्रश्न-59. इंसान की क्या पहचान है?

उत्तर- जो अपने समान दूसरों को भी समझकर किसी को कष्ट न दे उसे इंसान कहते हैं।

प्रश्न-60. अंडा शाकाहार है या मांसाहार?

उत्तर- मांसाहार, क्योंकि उसमें किसी माँ का बच्चा ही होता है।

प्रश्न-61. शाकाहारी वस्तुओं की उत्पत्ति कैसे होती है?

उत्तर- पेड़ों से और खेती द्वारा उत्पन्न वस्तु शाकाहारी होती है। जैसे-अनाज, फल, मेवा, सब्जी।

प्रश्न-62. मांसाहारी चीजें कहाँ से उत्पन्न होती हैं?

उत्तर- जीवों के पेट से पैदा होने वाले अंडे और जीवों के हड्डी, खून, मांस आदि से बनने वाली चीजें मांसाहारी होती है।

प्रश्न-63. मत्स्य पालन केन्द्र धर्म है या अधर्म?

उत्तर- अधर्म है क्योंकि इसमें मछलियों को मारने के लिए पाला जाता है अतः यह मत्स्यमारण है।

प्रश्न-64. भारतीय संस्कृति की जड़ क्या है?

उत्तर- अहिंसा और स्त्रियों का पातिव्रत्यधर्म।

प्रश्न-65. हिंसा के कितने भेद हैं?

उत्तर- चार भेद है-1. संकल्पी 2. आरंभी 3. उद्योगी 4. विरोधी।

प्रश्न-66. संकल्पी हिंसा किसे कहते हैं?

उत्तर- जानबूझकर किसी भी छोटे-बड़े जीव को मारना संकल्पी हिंसा है।

प्रश्न-67. आरंभी हिंसा का क्या अर्थ है?

उत्तर- खाना पकाने, पानी भरने, कपड़ा धोने आदि कार्यों में आरंभी हिंसा होती है।

प्रश्न-68. उद्योगी हिंसा किस-किस कार्य में होती है?

उत्तर- व्यापार, खेती आदि में उद्योगी हिंसा होती है।

प्रश्न-69. विरोधी हिंसा का क्या अभिप्राय है?

उत्तर- अपने परिवार, समाज, देश तथा सत्य की रक्षा हेतु विरोधियों से लड़ना विरोधी हिंसा है। जैसे-रामचन्द्रजी ने नारी अत्याचार के विरोध में रावण के साथ युद्ध किया था।

प्रश्न 70. इन चारों हिंसाओं में गृहस्थ किससे बच सकते हैं?

उत्तर- संकल्पी हिंसा से, क्योंकि यह सर्वथा त्याज्य है एवं शेष तीन का त्याग गृहस्थ जीवन में असंभव है।

प्रश्न-71. युद्ध में होने वाली हिंसा का क्या नाम है?

उत्तर- अपनी देशरक्षा के लिए किये जाने वाले युद्ध में होने वाली हिंसा का नाम है-विरोधी हिंसा।

प्रश्न-72. देश रक्षा में मरने वाले सैनिक के मरण का नाम क्या है?

उत्तर- वीरमरण।

प्रश्न-73. हमारे देश का नाम किस राजा के नाम पर पड़ा है?

उत्तर- भगवान ऋषभदेव के पुत्र भरत चक्रवर्ती के नाम पर हमारे देश का नाम भारत पड़ा है।

प्रश्न-74. जैन धर्म का मूलमंत्र क्या है?

उत्तर- णमोकार मंत्र-णमो अरिहंताणं, णमो सिद्धाणं, णमो आइरियाणं, णमो उवज्झायाणं, णमो लोए सव्वसाहूणं।

प्रश्न-75. णमोकार मंत्र का क्या मतलब है?

उत्तर- इसमें पांच प्रकार के महापुरुषों को नमस्कार किया गया है, इसलिए इसे पंच-नमस्कार मंत्र भी कहते हैं।

प्रश्न-76. वे पांच महापुरुष कौन-कौन से होते हैं?

उत्तर- अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय, साधु। ये पाँचपरमेष्ठी होते है।

प्रश्न-77. परमेष्ठी किसे कहते हैं?

उत्तर- जो परम अर्थात् मनुष्यों में सबसे अधिक पूज्य पद में स्थित होते हैं उन्हें परमेष्ठी कहते हैं।

प्रश्न-78. वर्तमान में जैन धर्म के कितने भेद है?

उत्तर- दो भेद है-1. दिगम्बर धर्म 2. श्वेतांबर धर्म।

प्रश्न-79. जैन साधु के वर्तमान में कितने भेद है?

उत्तर- दो भेद है-दिगम्बर जैन साधु और श्वेताम्बर जैन साधु।

प्रश्न-80. दिगम्बर जैन साधुओं की क्या पहचान है?

उत्तर- वे नग्न होते हैं, उनके हाथ में मोरपंख की पिच्छी और लकड़ी का कमंडलु होता है।

प्रश्न-81. इन साधुओं को क्या कहा जाता है?

उत्तर- मुनि महाराज जी।

प्रश्न-82. दिगम्बर साधु पूरे नग्न क्यो रहते हैं?

उत्तर- क्योंकि उनका मन पूर्ण शुद्ध-पवित्र होता है, बच्चे के समान वे निर्विकारी होते है।

प्रश्न-83. दिगम्बर जैन धर्म में साध्वियों की क्या पहचान है?

उत्तर- दिगम्बर जैन साध्वी एक सफेद साड़ी पहनती हैं और उनके हाथ में भी मोरपंख की पिच्छी एवं लकड़ी का कमण्डलु होता है।

प्रश्न-84. इन साध्वियों को क्या कहा जाता है?

उत्तर- आर्यिका माताजी।

प्रश्न-85. ये साधु-साध्वी मोरपंख की पिच्छी क्यों रखते हैं?

उत्तर- यह इनकी पहचान है क्योंकि उठते, बैठते, सोते आदि सभी समय ये मोरपंख की पिच्छी से स्थान को परिमार्जित कर (जीव जन्तु बचाकर) बैठते है ताकि कोई छोटा सा भी जीव मरने न पावे।

प्रश्न-86. साधु-साध्वी कमंडलु क्यों साथ रखते हैं?

उत्तर- इसमें शरीर शुद्धि के लिए गरम जल रखते हैं।

प्रश्न-87. उस जल का जैन मुनिगण क्या प्रयोग करते हैं?

उत्तर- दीर्घशंका, लघुशंका जाने में शुद्धि के लिए उस जल का प्रयोग करते हैं उसे वे कभी भी पीते नहीं है।

प्रश्न-88. जैन धर्म के मूल सिद्धान्त क्या हैं?

उत्तर- अहिंसा, अपरिग्रह और अनेकान्त ये जैन धर्म के मूल सिद्धान्त हैं।

प्रश्न-89. भारतीय मुद्रा पर कौन सी सूक्ति लिखी होती है?

उत्तर- सत्यमेव जयते।

प्रश्न-90. जैनधर्म के प्रसिद्ध पांच तीर्थों के नाम बताओ?

उत्तर- अयोध्या, सम्मेदशिखर, हस्तिनापुर, कुण्डलपुर, पावापुर।

प्रश्न-91. हस्तिनापुर का नाम विशेष प्रसिद्ध किस कारण से हुआ?

उत्तर- कौरव-पांडव की राजधानी के कारण।

प्रश्न-92. हस्तिनापुर में विशेष दर्शनीय स्थल क्या है?

उत्तर- जम्बूद्वीप रचना।

प्रश्न-93. जम्बूद्वीप क्या है?

उत्तर- जैन भूगोल का ज्ञान कराने वाला पृथ्वी का स्वरूप जम्बूद्वीप है।

प्रश्न-94. जम्बूद्वीप की रचना किसकी प्रेरणा से बनी है?

उत्तर- जैन साध्वी पूज्य गणिनीप्रमुख (आचार्या) श्री ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से।

प्रश्न-95. पूज्य गणिनी श्री ज्ञानमती माताजी ने कितने शास्त्र लिखे हैं?

उत्तर- दो सौ पचास (250)।

प्रश्न-96. गति किसे कहते हैं?

उत्तर- एक जन्म से दूसरे जन्म को धारण करने का नाम गति है।

प्रश्न-97. गतियाँ कितनी होती हैं?

उत्तर- चार-नरकगति, तिर्यचगति, (पशुगति) मनुष्यगति, देवगति।

प्रश्न-98. कैसे कर्म करने से देवगति मिलती है?

उत्तर- दूसरों का उपकार करने से, सदाचार का पालन करने से तथा भगवान की उपासना से देवगति मिलती है।

प्रश्न-99. नरकगति में कौन से दुख होते हैं?

उत्तर- संसार के सारे दुख नरक में होते हैं। जैसे-मार-काट, अग्नि में पकाना, आरे से चीरना आदि।

प्रश्न-100. कौन से जीवों को मरकर नरक में जाना पड़ता है?

उत्तर- हिंसा करने वाले, शराब पीने वाले, जुआ खेलने आदि पाप करने वाले लोग मरकर नरक में जाते हैं।

प्रश्न-101. किन कर्मों से पशु पर्याय मिलती है?

उत्तर- दूसरों के साथ विश्वासघात करने से, ठगने से पशु पर्याय में जाना पड़ता है।

प्रश्न-102. गुरू की विनय करने से क्या लाभ है?

उत्तर- इस जन्म में खूब विद्या प्राप्त होती है और अगले जन्म में मनुष्य या देव जैसी अच्छी योनि में जन्म होता है।

प्रश्न-103. सच्चे जैन श्रावक (गृहस्थ) की मुख्य पहचान क्या है?

उत्तर- पानी छानकर पीना, रात्रि में भोजन नहीं करना और प्रतिदिन भगवान के दर्शन करना।

प्रश्न-104. जैन साधु-साध्वी हमेशा पैदल विहार क्यों करते हैं?

उत्तर- अहिंसा धर्म का पालन करने के लिए और अपने उपदेशों से जनकल्याण करने हेतु वे सदैव पैदल विहार करते हैं।

प्रश्न-105. दिगम्बर जैन साधु-साध्वियों की मुख्य तीन पहचान क्या हैं?

उत्तर- करपात्र में दिन में एक बार भोजन लेना, केशलोंच करना (अपने हाथों से अपने सिर, दाढ़ी, मूछ के बाल उखाड़ना) पैदल विहार करना।

प्रश्न-106. कषाय किसे कहते हैं?

उत्तर- जिन भावों से आत्मा कसी जाती है अर्थात् आत्मा को दुख मिलता है उसे कषाय कहते हैं।

प्रश्न-107. कषाय कितने प्रकार की होती है?

उत्तर- चार-क्रोध, मान, माया, लोभ।

प्रश्न-108. इनमें सबसे ज्यादा बुरी कौन सी कषाय है?

उत्तर- क्रोध कषाय, क्योंकि क्रोध में आकर लोग आत्महत्या तक कर लेते हैं।

प्रश्न-109. समस्त अनर्थों का मूल कौन सी कषाय है?

उत्तर- लोभ। इसलिए लोभ को पाप का बाप कहा गया है।

प्रश्न-110. सामान्य रूप से सभी मनुष्यों में कितनी कषाय होती है?

उत्तर- चारों कषाय सामान्य रूप से सभी में पाई जाती है।

प्रश्न-111. पूर्णरूप से कषाय रहित कौन होते हैं।

उत्तर- भगवान, जिन्होंने सभी कर्मों को जीत लिया है।

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